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विक्रम संवत 2074… स्वागतम

vikram samvat 2074 - bharat-kranti

 विक्रम संवत 2074… स्वागतम

 तो मित्रों एक बार फिर हिन्दू नववर्ष सामने है। एक बार फिर हमेशा की तरह कल से एक और हिदू वर्ष प्रारम्भ हो जाएगा। और एक बार फिर हिन्दू समाज हमेशा की तरह अपने नववर्ष के प्रति उदासीन रहेगा। आखिर नववर्ष के स्वागत की सारी ऊर्जा और उत्साह तो उसने पश्चिमी नववर्ष के स्वागत में ही खर्च कर डाला। वैसे भी अपने ज्ञान और मूल्यों को पश्चिम से कम आंकने की सोच पिछली दो शताब्दियों से भारतीय समाज पर हावी है। बावजूद इसके की हिन्दू केलेंडर, रोमन कैलेंडर से अधिक विज्ञान सम्मत है,  और व्यवहारिक भी । लेकिन अंग्रेजी पसन्द हिन्दू समाज भेड़ चाल में पश्चिम की नकल कर रहा है। और अपने तार्किक रीती रिवाजों को छोड़ कर पश्चिम की राह पर चल रहा है। इकतीस जनवरी की ​​रात्रि को भारत के तमाम छोटे बड़े नगरों में भारतीय हिन्दू मदिरा के मद में चूर हो रोमन नववर्ष का स्वागत करते हैं। डालने नववर्ष का तो कई लोगों को पता भी नही होता।सच है किसी राष्ट्र को खत्म करना हो तो पहले उसकी संस्कृति खत्म कर दो। राष्ट्र खुद ब खुद खत्म हो जाएगा। क्या हम उसी राह पर तो नही।
विक्रम संवत मालव सम्राट विक्रमादित्य की शकों पर विजय के उपलक्ष में प्रारम्भ हुआ था। शक विदेशी आक्रमणकारी थे जिन्होंने भारत के बड़े भूभाग पर कब्जा कर लिया था। मगर भारत का दुर्भाग्य देखो, आज़ादी के बाद भारत सरकार ने जिन दो कैलेंडर को मान्यता दी वे दोनों विदेशी आक्रमणकारियों के ही केलिन्डर हैं। एक तो अंग्रेजों का रोमन कैलेंडर और दूसरा शक कैलेंडर। विक्रम संवत को छोड़ दिया गया। वैसे ही जैसे हिंदी को छोड़ दिया, जैसे हिन्दू को छोड़ दिया।
लेकिन सच ये है कि भारत में हिंदुओं की काल गणना उस समय से है जब इंग्लैंड में लोग अक्षर ज्ञान भी नही रखते थे। उनके रोमन सम्वत अगर आज सन 2017 है तो भारत का विक्रम संवत 2074 प्रारम्भ होने जा रहा है। इसके अतिरिक्त भारत के प्राचीन संवतों की बात भी हो जाए।
भारत का प्राचीन संवत कलियुग संवत का आज 5119 वां वर्ष चल रहा है। और यही नही भारत का प्राचीन सप्तर्षि संवत तो और भी पुराना है। इस संवत का ये 8693 वां वर्ष चल रहा है। और सबसे बड़ी बात भारतिय संवत रोमन कैलेंडर से ज्यादा वैज्ञानिक है। दुनिया में सबसे कम अशुद्धि इसी कैलेंडर में है।
तो भारत के नागरिकों से ये आशा है कि वे अपने नववर्ष का भी स्वागत उसी ऊर्जा व् उत्साह से करेंगे जैसा किया जाना चाहिए। शराब पीकर नाचकर नही, बल्कि पूजा अर्चना के साथ, परम्परा के साथ।
आप सभी को नववर्ष की ढेर सारी मंगलकामनाएं…
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