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हमारी राष्ट्रभाषा – हिंदी

हमारी राष्ट्रभाषा – हिंदी

मित्रों आज 22 मार्च को हमारे इस हिंदी ब्लॉग भारत क्रांति का शुभारंभ होने जा रहा है । हिंदी हमारी राष्ट्रभाषा है। देवभाषा संस्कृत की अग्रज पुत्री हिंदी भारत के एक बड़े भूभाग में बोली जाती है।उत्तर प्रदेश, बिहार, मध्यप्रदेश, राज्यस्थान, झारखण्ड, छत्तीसगढ़, हरियाणा, हिमाचल, उत्तराखंड और दिल्ली जैसे 10 प्रान्तों की प्रान्तभाषा है हिंदी। भारत के 125 करोड़ लोगों की आबादी में से 70 करोड़ से अधिक लोग हिंदी बोल सकते हैं। जबकि 30 करोड़ लोग हिंदी समझ सकते हैं। अर्थात भारत के 80% से अधिक लोग हिंदी बोल या समझ सकते हैं। जबकि सिर्फ 5% भारतीय ही इंग्लिश बोल सकते हैं। फिर भी इंग्लिश भारत के शासन तंत्र में राज कर रही है। दुनिया में अगर चीन की मैंडरिन भाषा को 120 करोड़ लोग बोल सकते हैं, इंग्लिश को 100 करोड़ लोग बोल सकते हैं तो 70 करोड़ लोग हिंदी बोल सकते हैं। इस प्रकार हिंदी दुनिया की तीन प्रमुख भाषाओँ में से एक है। मगर फिर भी हमारा दुर्भाग्य है कि भारत के नीति निर्धारकों को हिंदी की बजाय इंग्लिश से ही प्रेम रहा। विशेषकर नेहरू और उनके विदेश में शिक्षित वंशजों ने हिंदी की घोर उपेक्षा की, और भारत को इंग्लिश का गुलाम बना दिया। और भारत की राष्ट्रभाषा को राजनीती के भंवर में फंसा दिया। और भारत में इंग्लिश को उच्च व सभ्रांत वर्ग का प्रतीक बना दिया। आज हिंदी अपने अस्तित्व के लिए जूझ रही है। मित्रों जिस राष्ट्र की कोई भाषा नहीं होती ऐसे राष्ट्र का कोई भविष्य नहीं होता। अगर हम सच्चे भारतीय हैं और अगर हमें राष्ट्रभाषा हिंदी से प्रेम है तो आइये आज हम भारत क्रांति के साथ ये संकल्प लें कि हम भारत की राष्ट्रभाषा और संस्कृति की रक्षा के लिए आंदोलन करेंगे, क्योंकि-
जिसको न निज देश और भाषा पर अभिमान है,
वह नर नहीं पशु है,निरा मृतक सामान है

क्या आपने हिंदी और इंग्लिश को आपस में बात करते देखा है, अगर नहीं तो भारत क्रांति के इस विडियो को देखिये ..

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