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शहीद भगत सिंह अगर ज़िंदा होते

शहीद भगत सिंह अगर ज़िंदा होते

मित्रों आज 23 मार्च है, और आज के ही दिन भगत सिंह,राजगुरु और सुखदेव को ब्रिटिश सरकार ने फांसी दी थी। भारत की स्वतंत्रता के लिए इन लोगों ने अपनी तरुण अवस्था में ही जान दे दी थी। आज के दिन सभी कुछ न कुछ कहेंगे या लिखेंगे, मगर आज मैं एक नए आयाम पर कुछ कहना चाहूंगा.. भगत सिंह समाजवाद से प्रभावित थे। क्योंकि उसी दौर में रूस में लेनिन के नेतृत्त्व में साम्यवादी सरकार बनी थी और रूस में विकास होने लगा था। सदियों से ज़ार के अत्याचारी शासन से दुःखी रुसी जनता ने पहली बार कल्याणकारी शासन देखा था। पूरी दुनिया रूस के परिवर्तन से प्रभावित थी। और विशेषकर युवा वर्ग ज्यादा उत्साह से इस क्रांति को पढ़ रहा था। भगतसिंह भी इनमें से एक थे। आज भारत के साम्यवादी भगत सिंह का उल्लेख कर समाजवाद को महिमाँमंडित करते हैं।

कन्हैया कुमार जैसे देशद्रोही भगत सिंग की आड़ लेकर भारत को तोड़ने की बात करते हैं। उमर खालिद जैसे गद्दार के साथ मिलकर वो भगतसिंह का नाम लेकर खुद को क्रन्तिकारी बताते हैं। आज भगतसिंह या आज़ाद होते तो मार्क्सवाद का यह रूप देखकर सिर पीट लेते, और कन्हैया व् उमर जैसे इन गद्दारों को गोली मार देते । भगतसिंह ने समाजवाद के लिए नहीं राष्ट्र के लिए जान दी थी। नहीं तो उस समय के साम्यवादी तो अंग्रेजों के साथ थे। काश भगत सिंह अगर 20 साल और जीवित रहते तो देखते की उसी रूस के स्टॉलिन ने कैसे 20 लाख से ज्यादा रुसीयों की हत्या साम्यवाद के नाम पर कर दी। कैसे साम्यवादी रूस 15 से ज्यादा देशों पर कब्ज़ा करके बैठ गया। कैसे माओ ने चीन में 2 करोड़ चीनियों की हत्या कर दी। और कैसे चीन ने तिब्बेत,सिंक्यांग और इनर मंगोलिया पर जबरन अधिकार कर लिया। आज सचमुच अगर भगतसिंह होते तो देखते कि कैसे चीन ने भारत पर आक्रमण किया और अक्साई चिन पर अधिकार कर लिया। और भारत के ये गद्दार मार्क्सवादी चीन का साथ दे रहे थे। काश भगत तुम जिन्दा होते तो देखते की कैसे भारत के सबसे प्रतिभाशाली प्रान्त बंगाल में 37 साल राज करने के बाद मार्क्सवादियों ने उसे भारत का सबसे गरीब और पिछड़ा प्रान्त बना दिया। भगत काश तुम देख पाते की इसी गद्दार कन्हैया की मार्क्सवादी गठबंधन के लोगों ने भूमि अधिग्रहण का लोकतांत्रिक ढंग से विरोध कर रही किसान महिलाओं से बलात्कार कर जिन्दा जला दिया। और भगत उस पे निर्लज्जता की हद देखो कि ये कन्हैया भारत की सेना पर कश्मीर में बलात्कार का आरोप लगाता है। भगत अगर आज तुम और आज़ाद ज़िंदा होते तो जरूर सांडर्स की जगह इन कन्हैया,उमर और अनिर्बान को गोली मार देते। भगत इनके साम्यवादी चीन में लोकतंत्र की मांग कर रहे शान्तिगीत गाते हजारों चीनी छात्रों पर समाजवादी सरकार ने टैंक चढ़ा दिए थे। जबकि आंतकवादियों का समर्थन करने, भारत के टुकड़े करने के नारे लगाने और भारतीय सेना के जवानों की मौत का जश्न मनाने के बाद भी इन्हें सरकार ने आज़ाद छोड़ा हुआ है, और फिर भी ये भारत के प्रधानमंत्री को फासिस्ट कहते हैं। इन्टॉलरेंस का आरोप लगाते हैं। भगत एक बार फिर जन्म लो, और फिर आकर फैसला करो कि भारत के ये मार्क्सवादी  कितने बड़े गद्दार हैं…..पूरा भारत तुम्हारे और आज़ाद के पुनर्जन्म की प्रतीक्षा कर रहा है….

स्वर्ग में बैठे भगत सिंह और चंद्रशेखर आज़ाद भारत की हालत पर क्या बात कर रहे होंगे, जानने के लिए देखिये ये वीडियो

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