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योगी आदित्यनाथ- योगी से राजयोगी

​उन दोनों की उम्र लगभग एक है। दोनों सांसद हैं। मगर एक प्रधानमंत्री बनना चाहता है,  दूसरा मुख्यमंत्री। एक हैं युवराज राहुल गाँधी और दूसरा है योगी आदित्यनाथ। दोनों उत्तर प्रदेश से हैं। मगर राहुल गांधी प्रधानमंत्री बने तो उन्हें कोई समस्या नहीं, मगर आदित्यनाथ अगर उत्तर प्रदेश का मुख्यमंत्री बने तो सबको समस्या है। क्योंकि राहुल गांधी राज परिवार से हैं। भारत की राजगद्दी तो उनकी पैतृक जागीर है। इसलिए कोई उनसे नही पूछेगा कि भारत का प्रधानमंत्री बनने के लिए उनकी क्या योग्यता है। हाँ योगी एक साधारण परिवार से हैं, उनसे जरूर पूछा जाएगा कि मुख्यमंत्री बनने के लिए उनकी
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काबिलियत है या नही। और वैसे भी वो भगवा पहनते है, और हिन्दू हित में सच बोलने से नही डरते। ऐसा व्यक्ति तो भारत में साम्प्रदायिक होता है। हाँ सेकुलर वो है जो मुस्लिम हित की बात करे। जैसे मनमोहन सिंह कहते हैं कि भारत में प्राकृतिक संसाधनों पर पहला हुक मुस्लिम्स का है तो वो सेक्युलर हैं। राजीव गांधी जब कट्टरपंथी मुस्लिम्स की नाजायज मांग पर शाहबानो केस पर सुप्रीम कोर्ट का फैसला बदल देते हैं तो वो सेक्युलर हैं। मुलायम जब खुलेआम मूस्लिम का पक्ष लेते हैं तो वो सेक्युलर हैं। मायावती जब मुस्लिम की बात करती हैं तो वो सेक्युलर हैं। बस हिन्दू की बात करने वाला ही साम्प्रदायिक है। इसलिए बी एस सी पास योगी उत्तर प्रदेश का मुख्यमंत्री बनने के योग्य नही। और लालू के इंटर फ़ैल बेटे मंत्री बनने के काबिल। लालू की तीसरी पास धर्मपत्नी मुख्यमंत्री के लायक। कोई भी कॉलेज फ़ैल पप्पू भारत का प्रधानमंत्री बन सकता है मुस्लिम का पक्ष लेकर । मगर हिन्दू की बात करने वाला योगी मुख्यमंत्री नही हो सकता। वाह रे वाम विचार वाले बुद्धिजीविओं, तुम धन्य हो। तुम्हारे कारण जो बिगड़ना था भारत का वो बिगड़ गया। मगर अब भारत जाग गया है। अब तुम कितना भी शोर मचा लो, होगा वही जो भारत को असली चाहने वाले चाहते हैं। योगी आज मुख्यमंत्री बन चुके हैं, कल प्रधानमंत्री भी बन जाएंगे। तुम देखते रहना।

योगी को मुख्यमंत्री न बनाने की सात वजह , देखिए ये वीडियो

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